प्रेम, प्रथम कभी नहीं और अति कभी नहीं

लाओ त्ज़ु ने ताओ को समझने के लिए, जीवन में उतारने के लिए तीन नियम दिए हैं। जो सबसे अंतिम होने को राज़ी है, या जो कभी प्रथम होने की दौड़ में नहीं रहा वही ताओमयी जीवन जीने का अधिकारी है। प्रेम ही जीवन का आधार हो। ओशो के सबसे महत्वपूर्ण संदेश ‘प्रेम के ३ … Continue reading प्रेम, प्रथम कभी नहीं और अति कभी नहीं

ताओ की सुंदरतम व्याख्या उसका स्त्रैण गुण

ताओ aggressive नहीं है, receptive है. मातृशक्ति की तरह वह संसार को आपने गर्भ में सम्भाले हुए है और संसार उसके गर्भ में धीरे धीरे बढ़ रहा है। उसी से ऊर्जा ग्रहण करके संसार विकसित हो रहा है। हमारे द्वारा किया गया कोई भी कर्म इसीलिए कोई मायने नहीं रखता है। हम इस संसार रूपी … Continue reading ताओ की सुंदरतम व्याख्या उसका स्त्रैण गुण

साक्षी की साधना

शरीर, मन और आत्मा ->आत्मज्ञान अष्टावक्र महागीता भाग १, #४, पहले प्रश्न का उत्तर  (from "अष्टावक्र महागीता, भाग एक - Ashtavakra Mahageeta, Vol. 1  : युग बीते पर सत्य न बीता,  सब हारा पर सत्य न हारा (Hindi Edition)" by Osho .) Start reading it for free: https://amzn.in/7lDQLig -------------- Read on the go for free - … Continue reading साक्षी की साधना

A watcher of the hill

There are three types of waves in our body and they are defined by six high-lows. Their wavelength differed but they all propagate together. Hunger-Thirst are bodily waves and in a day they attain their both peaks. Happiness-Sadness are mental waves and everyday they too attain their peaks may not be significant to even get … Continue reading A watcher of the hill

You plus God is majority.

How it is possible that we know this very well, still there is fear in our life? In my opinion and it is based on my experience that whenever we feel fear, our mind is at work. So actually the fear exist in our mind! It is tendency of our mind to fluctuate between two … Continue reading You plus God is majority.

हक़ीरो-नातुवां तिनका

हक़ीरो-नातुवां तिनका, हवा के दोष पर पर्रां। समझता था के बहरो-बर पर उसकी हुक्मरानी है।। मगर झोंका हवा का एक अलबेला, तलव्वुत केश बेपरवाह जब उसके जी में आए रुख़ पलट जाए हवा पलटी बुलंदी का फुसूँ टूटा, हक़ीरो-नातुवां तिनका, पाया है अपने को सबकी ख़ाक-ए-पा पर । ख़ुदा को जानकर इस राहगीरे बेपरवाह को, … Continue reading हक़ीरो-नातुवां तिनका

I am the truth, that liberates

Ultimate flowering of human beings I am the truth, that liberates. Nighter i am dream of closed eyes, Nor i am the dream of open eyes, I am the watcher of those dreams, Dreams goes on changing forms, The watcher remains. The truth remains forever. This is real liberation from cycle of birth and death, … Continue reading I am the truth, that liberates

Philosia – updated.

This word was coined by Osho. As per Osho "You are the reality; you are eternal; everything else is just a dream. Beautiful dreams are there, nightmares are there…But it does not matter whether it is a beautiful dream or a nightmare; what matters is the one who is seeing the dream(here it means our … Continue reading Philosia – updated.

Profile updated.

Every river just keeps flowing and one day it gets merged in the Ocean, from where its cycle begun by evaporation of water. Name of a river is the name of the path it traveled. Joshuto is name of the path, life lived as living human being, a person traveled to become what one is … Continue reading Profile updated.

सांख्य योग- स्वधर्म कि यात्रा

जब कोई बच्चा पैदा होता है तब मनुष्य के रूप में अस्तित्व का पदार्पण होता है। बच्चा शुद्ध अस्तित्व रूप लिए होता है, रस रूप होता है। इसे बाउल गायकों ने ‘आधार मानुष’ कहकर गीत लिखे हैं। धीरे धीरे बच्चा अपने शरीर से परिचित होता है। जिसे हम कहें कि जो रस है उसे पता … Continue reading सांख्य योग- स्वधर्म कि यात्रा