सांख्य योग- स्वधर्म कि यात्रा

जब कोई बच्चा पैदा होता है तब मनुष्य के रूप में अस्तित्व का पदार्पण होता है। बच्चा शुद्ध अस्तित्व रूप लिए होता है, रस रूप होता है। इसे बाउल गायकों ने ‘आधार मानुष’ कहकर गीत लिखे हैं। धीरे धीरे बच्चा अपने शरीर से परिचित होता है। जिसे हम कहें कि जो रस है उसे पता … Continue reading सांख्य योग- स्वधर्म कि यात्रा

Philosia

This word was coined by Osho. As per Osho "You are the reality; you are eternal; everything else is just a dream. Beautiful dreams are there, nightmares are there...But it does not matter whether it is a beautiful dream or a nightmare; what matters is the one who is seeing the dream(here it means our … Continue reading Philosia